नई दिल्ली:-चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में सीमा पर जारी तनातनी के बीच जहां एक तरफ भारत सरकार की तरफ से 50 चीनी मोबाइल ऐप को बैन कर बड़ा झटका दिया गया है तो वहीं सरकार ने बीजिंग के खिलाफ और बड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि देश के अंदर हाईवे प्रोजेक्ट्स में चीन की कंपनियों को बैन किया जाएगा और वे हाईवे प्रोजेक्ट्स में साझीदार भी नहीं हो पाएंगी।

उन्होंने कहा कि चीन कंपनियों पर बैन को लेकर जल्द नीति लाएंगे। केन्द्रीय मंत्री ने आगे कहा कि एमएसएमई में भी चीनी कंपनियों को प्राथमिकता नहीं देंगे।  गडरी ने कहा कि सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि चीनी निवेशक कई अन्य सेक्टर्स जैसे- लघु, छोटे और मध्य उद्यमों में प्रवेश न कर पाएं। भारत चीन के बीच लद्दाख में हुए विवाद में पिछले महीने 20 भारतीय सेना के शहीद होने के बाद केन्द्रीय मंत्री का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है।

एलएसी पर तनाव के बीच सरकार ने सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए 50 ऐप के बैन लगाया है, जिनमें ज्यादातर चीन से संबंधित है। केन्द्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री ने कहा कि हाईवे प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों को बैन लगाने, भारतीय कंपनियों इन प्रोजेक्ट्स में लाने के लिए रियायतें दी जाएंगी।

वर्तमान में कुछ ही प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जो काफी पहले के हैं उनमें कुछ चीनी साझेदारी शामिल है। जब इस बारे में पूछा गया तो गडकरी ने कहा कि नया फैसला वर्तमान और भविष्य के टेंडर्स दोनों पर लागू होगा।

उन्होंने कहा, “हमने अपनी भारतीय कंपनियों के लिए नियमों में छूट का फैसला किया है ताकि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वह योग्य हो पाएं। मैंने राजमार्ग सचिव (गिरधर अरमाने) और एनएचएआई चेयरमेन (एस.एस. संधु) से कहा कि वे तकनीकी और वित्तीय नियमों में छूट को लेकर बैठक करें ताकि हमारी कंपनियों काम के लिए इसमें क्वालिफाई कर पाएं।”


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Posted by : Raushan Pratyek Media

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