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रिपोर्ट कमल सिंह सेंगर/माता प्रसाद, यूपी डेस्क

लखनऊ : उन्नाव रेप केस मामले में भाजपा की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को पार्टी की ओर से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वहीं इस केस से जुड़े सभी फाइलें दिल्ली ट्रांसफर की गई हैं।

जानकारी के अनुसार चीफ जस्टिस ने गुरुवार 12 बजे तक मामले की जानकारी रखने वाले सीबीआई अफसर को पेश होने के लिए कहा था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि फाइलों के लखनऊ में होने की वजह से तय समय तक अफसर दिल्ली नहीं आ पाएंगे।

उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता ने धमकियां मिलने पर चीफ जस्टिस को 12 जुलाई को पत्र लिखा थी। सीजेआई ने चिट्ठी देर से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने पर सवाल उठाए।

इस बीच उन्नाव रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पांच केसों को यूपी से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है। सभी मामलों की सुनवाई 45 दिन में पूरा करने व सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सीआरपीएफ सुरक्षा मुहैया कराने का भी आदेश जारी किया है।

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सवाल किया कि क्यों पीड़िता के चाचा जेल में बंद हैं? इस पर इनके वकील ने कहा कि उन्हें 2001 के एक मामले में उन्हें दोषी पाया गया है। इसलिए इस साल जुलाई में सजा मिली है। उनकी याचिका अभी लंबित है। 

इस दौरान चीफ जस्टिस ने यूपी सरकार से पीड़िता के चाचा के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। साथ ही यह भी कहा कि अगर वे रायबरेली जेल से दूसरी जगह अपना ट्रांसफर कराना चाहते हैं या नहीं ? अगर चाहते हैं, तो उनका ट्रांसफर कर दिया जाए।

इस बीच उन्नाव रेप पीड़िता के साथ दुर्घटना मामले में कोर्ट में गुरुवार को दो बार सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सभी केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया। वहीं कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि पीड़िता की दुर्घटना की जांच सीबीआई एक सप्ताह में पूरी की जाये।

  


  




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