संजय सोनार की रिपोर्ट

कुर्था अरवल:- स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के कुर्था प्रखंड मुख्यालय परिसर में स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर प्रांगण में मंगलवार को श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर देव दीपावली मनाया। मान्‍यता है कि इस दिन देवी-देवता धरती पर उतरते हैं और काशी में दिवाली मनाते हैं इसलिए इस त्योहार को देव दीपावली कहा जाता है,इस दिन काशी और गंगा घाटों पर काफी रौनक रहती है और दीपदान किया जाता है.ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, त्रिपुरासुर नाम के एक राक्षस ने धरती वासियों को परेशान कर रखा था और उससे त्रस्त होकर सभी देवतागण भगवान शिव के पास पहुंचे. भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था. उससे मुक्ति मिलने के बाद देवता भगवान शिव की नगरी काशी पहुंचे और वहां दीप प्रज्जवलित कर खुशी मनाई. तब से लेकर आज तक यह त्योहार मनाया जा रहा है.मान्यताओं के मुताबिक, देव दीपावली यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवी-देवता काशी में गंगा किनारे दीपावली मनाने आते हैं. बताया जाता है कि अगर कोई इस दिन प्रदोष काल में दीपदान करता है तो उसे जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है. बताया जाता है कि इस दिन भगवान शिव के निमित्त दीपक जलाने से भी जीवन में खुशहाली आती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. मान्यता है कि देव दीवाली पर दीपदान करने से यम, शनि, राहु-केतु के प्रभाव भी कम होते हैं।


 


जरूर पढ़ें

Grievance Redressal Officer (Any Complain Solution) Name: Raushan Kumar   Mobile : 8092803230   7488695961   Email : pratyak75@gmail.com